एक पेंसिल और एक रबर की बात चीत्।
परमेश्वर से प्रार्थना करें कि आप और आपका परिवार वचनों में खूब बढ़े।
रबर: क्या तुम पेंसिल की लिखी हुई आकृतियों को मिटा सकते हो?
पेंसिल: ये क्या बोलती हो तुम...यह कैसा सवाल...
बीच पर ही बात को काटते हुए।
रबर: क्या तुम पेंसिल की लिखी हुई आकृतियों को मिटा सकते हो?
पेंसिल की अचरज भरी नजरें। मुस्कुराहट बंद हो गई।
इस बार जरा शांत हो कर उसने कहा
पेंसिल: नहीं।
रबर: तो तुममें कौन सी खूबी है? क्या तुममें कुछ भी नहीं।
Listen to GOD. HE only knows you more than anyone can.परमेश्वर से प्रार्थना करें कि आप और आपका परिवार वचनों में खूब बढ़े।
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